शिमला। पठानकोट एयरबेस में आंतकियों से लोहा लेते शहीद हुए हिमाचल के जवानों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। सिहुवां गांव के एक शहीद का नाम संजीवन कुमार राणा हैं, जबकि दूसरे शहीद चंबा जिले के बासा गांव के जगदीश चंद हैं। शहीद जगदीश के घर बेटे और बेटी की शादियां होने वाली थी।
गम में बदल गया खुशियों भरा माहौल...
शहीद जगदीश चंद के घर में कुछ दिन बाद ही शादी होनी थी। घरवाले इंतज़ार कर रहे थे उनके आने का पर पठानकोट की घटना ने सबकुछ बदल दिया। जगदीश शहीद हो गए। उनका पार्थिव शरीर घर पहुंचा।
सैंकड़ों लोगों ने दी विदाई
हवलदार संजीवन कुमार राणा के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव लाया गया। उनका बलाणा में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया।शहीद की शव यात्रा में सैकड़ों की संख्या में लोग पहुंचे। वहीं, एयरफोर्स और सेना के जवानों ने सलामी दी। होनहार बेटे को अंतिम विदाई के मौके पर पिता रतन सिंह भावुक हो गए।
दो बेटियां व एक बेटा
सेना से रिटायर हुए संजीवन सिंह ने 6 साल पहले डीएससी ज्वाइन किया था। हवलदार संजीवन सिंह पत्नी पिंकी, दो बेटियां और एक बेटा छोड़ गए।
Subscribe to:
Post Comments
(
Atom
)

0 comments:
Post a Comment