उत्तर प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में 15 हजार शिक्षकों की भर्ती के लिए चल रही प्रक्रिया अधर में फंस गई है।
प्रदेश सरकार की ओर से इस शिक्षक भर्ती में बीएलएड (बैचलर ऑफ एलीमेंट्री एएजुकेशन) वालों को मौका दिए जाने के बाद एक बार फिर से इस भर्ती के पूरे होने पर सवाल खड़े होने लगे हैं। शासन की ओर से बीएलएड वालों को आवेदन का मौका दिए जाने पर एक बार फिर से नई मेरिट तैयार करनी होगी। इससे पूर्व में चयनित अभ्यर्थियों के बाहर होने का खतरा बन गया है।
बेसिक शिक्षा परिषद बीएलएड वालों को 15 हजार शिक्षक भर्ती में शामिल करने के लिए एक बार फिर से ऑनलाइन आवेदन मांग रहा है। नियुक्ति के लिए दोबारा आवेदन मांगे जाने के बाद फिर से काउंसलिंग कराई जाएगी।
इसमें अधिक मेरिट वालों के आने पर पहले से चयनित बीटीसी धारकों को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। बीएलएड को आवेदन का मौका दिए जाने के बाद शिक्षक भर्ती की मेरिट बनाने में परेशानी हो सकती है।
15 हजार शिक्षक भर्ती में दसवीं, बारहवीं और स्नातक की मेरिट के साथ प्रशिक्षण की मेरिट जोड़ी जाती है, जबकि बीएलएड का कोर्स इंटरमीडिएट के बाद चार वर्ष का है, ऐसे में इन अभ्यर्थियों की मेरिट तैयार करने में पेंच खड़ा हो गया है। मेरिट तैयार करते समय प्रशिक्षण के चार वर्ष की मेरिट कैसे जोड़ी जाएगी। इस बात को लेकर शासन एवं परिषद के अधिकारी असमंजस में हैं।
Subscribe to:
Post Comments
(
Atom
)


0 comments:
Post a Comment